<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><!-- Generated on Sat, 03 Jan 2009 16:45:50 +0300 --><rss version="2.0" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"> <channel> <atom:link href="http://www.islamhouse.com/RSS/IslamHouse-all-HI-HI.xml" rel="self" type="application/rss+xml" /> <title>islamhouse.com :: समस्त :: हिन्दी</title> <link>http://www.islamhouse.com/RSS/IslamHouse-all-HI-HI.xml</link> <description>islamhouse.com :: समस्त</description> <language>HI</language> <managingEditor>admin@islamhouse.com</managingEditor> <pubDate>Sat, 03 Jan 2009 16:45:50 +0300</pubDate> <lastBuildDate>Sat, 03 Jan 2009 16:45:50 +0300</lastBuildDate> <generator>islamhouse.com</generator> <ttl>60</ttl> <image> <url>http://www.islamhouse.com/log_rss.jpg</url> <title>islamhouse.com</title> <link>http://www.islamhouse.com/</link> <width>108</width> <height>108</height> <description>islamhouse.com</description> </image> <item> <title>विश्व व्यापी और नित्य आदर्श केवल अल्लाह के पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की जीवनी ह - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ इस लेख में अल्लाह के अन्तिम पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के जीवन चरित्र और आप के अतिरिक्त अन्य भूतपूर्व ईश्दूतों की जीवनियों, तथा वर्तमान युग में प्रचलित अन्य धर्मों और मतों के प्रस्थापकों की जीवनियों और उनके सिद्धान्तों की तुलना करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि पूरे मानव इतिहास में आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सिवाए कोई ऐसी व्यक्तित्व नहीं है जिस की जीवनी सर्व संसार के लिए रहती दुनिया तक आदर्श जीवन का नमूना और अनुकरण के योग्य हो। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/191028</link> <pubDate>Sat, 03 Jan 2009 16:01:38</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/191028</guid> </item> <item> <title>आशूरा की फज़ीलत, नया वर्ष और आत्म-निरीक्षण - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ इस लेख में मुहर्रम के महीने और विशिष्ट रूप से उसकी दसवीं तारीख (आशूरा के दिन) की फज़ीलत, महत्व और उस दिन रोज़ा रखने के अज्र व सवाब और प्रतिफल का उल्लेख किया गया है। साथ ही साथ आत्म-निरीक्षण (नफ्स के मुहासबा) के महत्व को स्पष्ट किया गया है, विशेषकर नये वर्ष के प्रारम्भ पर। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/190989</link> <pubDate>Fri, 02 Jan 2009 15:01:03</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/190989</guid> </item> <item> <title>हज्ज और उम्रा की फज़ीलत - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ हज्ज और उम्रा की फज़ीलतः हज्ज इस्लाम का एक महान स्तम्भ है जिसकी प्रतिष्ठा महान, जिसका अज्र व सवाब बहुत अधिक और मक़्बूल हज्ज का बदला तो केवल जन्नत ही है। इस लेख में सहीह हदीसों में वर्णित उन फज़ाइल और अज्र व सवाब का उल्लेख किया गया जो एक हज्ज और उम्रा करने वाले को प्राप्त होते हैं, इस शर्त के साथ कि उसके अन्दर उसकी स्वीकृति की शर्तें पूरी हों अर्थात् अल्लाह के लिए इख़्लास और पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का अनुसरण। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/185646</link> <pubDate>Sun, 30 Nov 2008 08:11:09</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/185646</guid> </item> <item> <title>हज्ज और उम्रा का तरीक़ा - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ हज्ज और उम्रा का तरीक़ाः इस पुस्तक में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की सहीह सुन्नत के अनुसार हज्ज और उम्रा का तरीक़ा और उनसे संबंधित अन्य अह्काम उल्लिखित किए गए हैं, तथा साथ ही साथ कुछ हाजियों से होने वाली ग़लतियों पर चेतावनी भी कराई गई है। हज्ज के प्रत्येक दिन के कार्यक्रम को अलग-अलग बयान करते हुए उन त्रुटियों की ओर भी संकेत किया गया है जिस के अधिकांश लोग शिकार हो जाते हैं। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/185644</link> <pubDate>Sun, 30 Nov 2008 08:11:56</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/185644</guid> </item> <item> <title>हज्ज - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ - ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/185435</link> <pubDate>Mon, 24 Nov 2008 18:11:47</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/185435</guid> </item> <item> <title>हज्ज में प्रतिनिधित्व - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ हज्ज में प्रतिनिधित्वः या किसी अन्य की ओर से हज्ज करना, उन मसाइल में से है जिस के बारे में बाहुल्य रूप से प्रश्न किया जाता है। यह एक शरई हुक्म है जिसके कुछ शुरूत हैं जिनकी पूर्ति करना, और कुछ नियम हैं जिनका पालन करना और कुछ आदाब –शिष्टाचार- हैं जिन से सुसज्जित होना आवश्यक है। इस लेख में उक्त तत्वों को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184882</link> <pubDate>Sat, 15 Nov 2008 12:11:44</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184882</guid> </item> <item> <title>हज्ज और उम्रा की अनिवार्यता की शर्तें - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ हज्ज और उम्रा की अनिवार्यता की शर्तेः इस लेख में उन शर्तों का उल्लेख किया गया है जिन के कारण हज्ज और उम्रा अनिवार्य हो जाता है, ये पाँच शर्तें हैः इस्लाम, बुद्धि, व्यस्कता़, सम्पूर्णतः आज़ादी और सामर्थ्य, तथा महिला के लिए एक अन्य विशिष्ठ शर्त उसके साथ महरम का होना है। जब ये सभी शर्तें किसी व्यक्ति के अन्दर पाई जाएं तो उस पर तुरन्त हज्ज करना अनिवार्य हो जाता है। यदि वह किसी स्थायी बीमारी, या शारीरिक विकलांगता के कारण स्वयं हज्ज करने से असमर्थ है, तो किसी अन्य व्यक्ति को, जो पहले अपना हज्ज कर चुका हो, अपनी ओर से हज्ज करने के लिए प्रतिनिधि बनाए गा। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184880</link> <pubDate>Sat, 15 Nov 2008 12:11:41</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184880</guid> </item> <item> <title>हज्ज और उम्रा की अनिवार्यता - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ हज्ज और उम्रा की अनिवार्यताः हज्ज एक महान इबादत है जिसे अल्लाह तआला ने अनिवार्य किया है और उसे उन पाँच स्तम्भों में से एक स्तम्भ क़रार दिया है जिन पर इस्लाम धर्म का आधार है। इस लेख में क़ुर्आन व हदीस की दलीलों और इज्माअ की रौशनी में यह उल्लेख किया गया है कि हज्ज और उम्रा समर्थ व्यक्ति पर जीवन में एक बार अनिवार्य है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184878</link> <pubDate>Sat, 15 Nov 2008 12:11:34</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184878</guid> </item> <item> <title>प्रिय पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की संगत में 40 सभाएँ - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ इस पुस्तक में पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की जीवनी, शिष्टाचार और स्वभाव से संबंधित महत्वपूर्ण तत्वों को 42 सभाओं के द्वारा दर्शाने का एक सफल प्रयत्न किया गया है। जिसमें पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के उम्मत पर हुक़ूक़, रमज़ान में पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के व्यवहार, पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की वंशावली, आप की सच्चाई व अमानत, विशेषताएँ, वैवाहिक जीवन, आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की क्षमा, न्याय, दानशीलता, वीरता, नम्रता, रहन-सहन, उपासना, नारी सम्मान, राज्य निर्माण.....आदि पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डाला गया है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184050</link> <pubDate>Fri, 31 Oct 2008 01:10:26</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184050</guid> </item> <item> <title>इस्लाम यह है - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ इस्लाम यह हैः संछिप्त शब्दों एंव स्पष्ट शैली में इस्लाम धर्म, उसके सिद्धान्तों, स्तम्भों, विशेषताओं और उद्देशों का सम्पूर्ण परिचय। इस्लाम को समझने अथवा उस में प्रवेश करने के अभिलाषियों के लिए यह लेख एक कुंजी है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184048</link> <pubDate>Fri, 31 Oct 2008 00:10:48</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184048</guid> </item> <item> <title>अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु के जीवन की कुछ झलकियाँ - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु के जीवन की कुछ झलकियाँ : अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अन्हु पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पश्चात इस उम्मत के सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। आजीवन पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के संगत में रहे और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के स्वर्गवास के बाद आप के उत्तराधिकारी -खलीफा- बनाए गए। आप के गुण-विशेषण क्या हैं\ आप के शासन काल की क्या प्राप्तियाँ हैं\ संछिप्त में पढ़िए गा इस लेख में। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184045</link> <pubDate>Fri, 31 Oct 2008 00:10:51</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184045</guid> </item> <item> <title>नीयतों को संग्रह करना - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ नीयतों को संग्रह करनाः एक ही काम में कई चीज़ की नियतों करने का मस्अला बहुत महत्वपूर्ण है, जिसके विषय में अधिकांश लोग प्रश्न करते रहते हैं। इस लेख में नीयतों को संग्रह करने अथवा न करने का आधार बयान किया गया है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/184043</link> <pubDate>Fri, 31 Oct 2008 00:10:48</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/184043</guid> </item> <item> <title>ईदैन की नमाज़ की क़ज़ा - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ ईदैन की नमाज़ की क़ज़ाः इस फत्वे में ईद की नमाज़ का हुक्म उल्लेख करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी आदमी से ईद की नमाज़ छूट जाए, तो उसे क्या करना चाहिए। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/179362</link> <pubDate>Mon, 13 Oct 2008 02:10:01</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/179362</guid> </item> <item> <title>ज़कातुल-फित्र के अहकाम - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ ज़कातुल-फित्र के अहकामः रमज़ान के महीने की समाप्ति अल्लाह के पैग़म्बर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मुसलमानों पर ज़कातुल-फित्र निकालना अनिवार्य किया है। इस लेख में ज़कातुल-फित्र के अहकाम संछिप्त रूप में वर्णन किए गए हैं। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/178564</link> <pubDate>Sat, 04 Oct 2008 17:10:25</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/178564</guid> </item> <item> <title>लैलतुल क़द्र के फज़ाईल व अहकाम - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ लैलतुल क़द्र - एक महानतम रातः साल भर की रातों में श्रेष्ठतम और महानतम रात जिस में अल्लाह तआला ने अगना उत्तम कलाम क़ुर्आन अपने श्रेष्ठतम पैग़म्बर पर अवतरित किया, एक ऐसी रात जो 83 वर्ष से भी अधिक उच्चतर। आईये, खोजें कौन सी है यह रात और कैसे प्राप्त करें इसका सौभाग्य\ ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/177711</link> <pubDate>Mon, 22 Sep 2008 17:09:44</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/177711</guid> </item> <item> <title>एतिकाफ के अहकाम - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ एतिकाफ के इच्छुकों के लिए एक लाभप्रद और महत्वपूर्ण लेखः इस लेख में एतिकाफ का अर्थ, उसकी वैद्धता, उसका हुक्म़, उसकी फज़ीलत, उसका समय एंव स्थान, उसकी शर्तों, उसके उद्देश्य और उस से प्राप्त होने वाले लाभ का उल्लेख किया गया है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/177626</link> <pubDate>Sun, 21 Sep 2008 00:09:56</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/177626</guid> </item> <item> <title>अहले सुन्नत वल-जमाअत का अक़ीदा - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ इस पुस्तक में अल्लाह, उसके फरिश्तों, उतकी किताबों, उसके रसूलों, आख़िरत के दिन और अच्छी व बुरी तक़्दीर पर ईमान के विषय में क़ुर्आन व हदीस की रोशनी में अहले सुन्नत वल-जमाअत का अक़ीदा तथा अक़ीदा के लाभ का उल्लेख किया गया है। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/175727</link> <pubDate>Fri, 12 Sep 2008 15:09:56</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/175727</guid> </item> <item> <title>हम रमज़ान का स्वागत कैसे करें और इस से कैसे लाभान्वित हों? - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ इस लेख में उल्लेख किया गया है कि एक मुसलमान को रमज़ान जैसे महान और शुभ महीने का स्वागत किस प्रकार करना चाहिए और किस तरह इस से लाभ उठाना चाहिए। ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174734</link> <pubDate>Thu, 04 Sep 2008 04:09:29</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174734</guid> </item> <item> <title>रमज़ान में केवल रोज़ा रखने और नमाज़ न पढ़ने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ रमज़ान में केवल रोज़ा रखने और नमाज़ न पढ़ने का क्या हुक्म है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174619</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 06:09:52</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174619</guid> </item> <item> <title>क्या रमज़ान में क़ियामुल्लैल की कोई निश्चित संख्या है? - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ क्या रमज़ान में क़ियामुल्लैल की कोई निश्चित संख्या है या नहीं? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174617</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 06:09:49</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174617</guid> </item> <item> <title>मुसाफिर की नमाज़ और उसका रोज़ा - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ मुसाफिर की नमाज़ और उस का रोज़ा कब और कैसे होगा? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174615</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 06:09:36</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174615</guid> </item> <item> <title>नमाज़ क़स्र करने और रोज़ा तोड़ने के संबंध में यात्रा के अहकाम - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ नमाज़ क़स्र करने और रोज़ा तोड़ने के संबंध में यात्रा के क्या अहकाम हैं? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174613</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 06:09:07</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174613</guid> </item> <item> <title>रमज़ान के दिन में हराम बातें करने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ क्या रमज़ान के दिन में हराम बातें करने से मनुष्य का रोज़ा फासिद हो जाता है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174611</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 05:09:34</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174611</guid> </item> <item> <title>यात्री का रोज़े की अवस्था में अपनी पत्नी से सम्भोग कर लेने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ एक आदमी रात के समय अब्हा से मक्का आया, सुबह के समय शैतान ने उसके दिल में वस्वसा डाल दिया और उस ने अपनी पत्नी से सम्भोग कर लिया तो उसका क्या हुक्म है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174609</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 05:09:37</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174609</guid> </item> <item> <title>फज्र की अज़ान के अन्त तक सेहरी खाने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ कई वर्षों से यह होता चला आ रहा है कि कुछ लोग अज़ान के अन्त तक खाते पीते रहते हैं, उनके इस कर्म का क्या हुक्म है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174607</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 05:09:52</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174607</guid> </item> <item> <title>फज्र की अज़ान के बाद खाने पीने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ क्या आदमी के लिए अज़ान के बाद खाना पीना जाईज़ है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174605</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 05:09:48</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174605</guid> </item> <item> <title>रोज़ेदार के लिए साँस के रोग संबंधी इन्हेलर प्रयोग करने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ रोज़ेदार के लिए साँस के रोग संबंधी इन्हेलर प्रयोग करने का क्या हुक्म है, क्या इस से रोज़ा टूट जाता है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174603</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 05:09:28</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174603</guid> </item> <item> <title>रोज़ेदार के लिए मिस्वाक करने और सुगन्ध लगाने का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ रोज़ेदार के लिए मिस्वाक करने और सुगन्ध लगाने का क्या हुक्म है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174601</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 05:09:04</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174601</guid> </item> <item> <title>एक रमज़ान के रोज़ों की क़ज़ा से पूर्व दूसरा रमज़ान आ गया - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ एक आदमी पर रमज़ान के महीने के एक दिन की कज़ा वाजिब थी और उस ने क़ज़ा नहीं की यहाँ तक कि दूसरा रमज़ान आ गया, अब वह क्या करे? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174588</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 04:09:25</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174588</guid> </item> <item> <title>रमज़ान में रोज़ा की नियत का हुक्म - हिन्दी</title> <description><![CDATA[ क्या रमज़ान में रोज़े के प्रत्येक दिन की नियत करना आवश्यक है? या पूरे महीने के रोज़े की एक ही नियत कर लेना काफी है? ]]></description> <link>http://www.islamhouse.com/p/174586</link> <pubDate>Wed, 03 Sep 2008 04:09:34</pubDate> <guid isPermaLink="true">http://www.islamhouse.com/p/174586</guid> </item> </channel></rss>